Sunday, August 02, 2015

Why I am against Porn Industry and Pornography?





भारत सरकार ने पोर्न साइट्स पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। सोशल मीडिया पर सरकार के इस कदम की तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन मुझे यहाँ एक समस्या है कि एक तबका है जो पोर्न साइट्स के प्रतिबन्ध के विरोध में है और एक तबका समर्थन में है। एक बार फिर से इस बात पर बहस छिड़ गयी है कि पोर्न साइट्स पर प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिये या नहीं। मेरे कई मित्र कह रहे हैं कि प्रतिबन्ध लगाने से क्या होगा? सरकार कैसी नासमझी हरकत कर रही है? हम क्यों न इस मसले पर बहस करें कि पोर्न साइट्स का कैसा रचनातंत्र है, यह कैसे काम करता है? क्या पोर्न स्टार्स वास्तव में सिर्फ व्यवसाय कर रही हैं, क्या पोर्न उद्योग भी एक तरह से वैश्यावृत्ति नहीं है, पोर्न साइट्स किस तरह से समाज का नुकसान कर रही हैं, किस तरह बच्चों के दिमाग पर गलत प्रभाव पड़ रहा है, बच्चों और औरतों पर जुल्म बढ़ रहे हैं? कई जन पोर्न साइट्स के प्रतिबन्ध के विरोध में यह कह रहे हैं कि ये नैतिक मसला है, लेकिन क्या ये सिर्फ नैतिक मसला ही है? 

पोर्न उद्योग का रचनातंत्र (Mechanism)  अप्रत्यक्ष तरीके से महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रहा है, समानता के अधिकार का हनन कर रहा है। पोर्न कई तरीकों से हमारी निजी कल्पनाओं में बहुत ज्यादा हिंसा और गुस्सा उत्पन्न कर देता है। पोर्न कोई स्वस्थ्य यौन संचार (healthy sexual communication) नहीं है। यह एक तरह से पुरुषों का महिलों के ऊपर प्रभुत्व दर्शाता है। अधिकतर पोर्न साइट्स में बलात्कार की कई श्रेणियां मिलती हैं जैसे जबरदस्ती अपहरण करना, रास्ते चलते छेड़ना आदि. पोर्नोग्राफी में ब्रूटल सेक्स की भी एक श्रेणी होती है। कई श्रेणियों में बच्चों को रोता हुआ दिखाया जाता है? पुरुष की वासना तभी जागती है जब महिला या बच्ची चिल्लाना शुरू कर दे? आप सोचिये क्या ये वास्तव में यौनिकता(Sexual) है? कभी पोर्न कैमरे के सेटअप पर गौर किया कि कैमरा रिकॉर्ड करते समय कोई भी सामान्य कामुक गतिविधियों (sensual activities) जैसे प्रेम स्पर्श पर ध्यान नहीं देता है। कैमरा का क्लोजअप हमेशा भेदन (penetration) पर रहता है। अधिकतर समय पुरुष महिला के पृष्ठ भाग पर हाथ रखे हुए दिखाया जाता है। इस समय औरत बहुत ही असहज स्थिति (uncomfortable position) में ये सब सहन करती है और उसे उस समय और भी कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। पोर्न स्टार “जेसिका मेंडीज” ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया है कि इस उद्योग में यौन हिंसा चरम पर होती है और उन्हें कई ऐसे शब्द सुनने पड़ते हैं जो कि एक सामान्य व्यक्ति नहीं सुन सकता है। ऐसे कई सारे और तर्क हैं जिनसे यह कहा जा सकता है कि पोर्न उद्योग महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रहा है।

पोर्न देखकर कहीं न कहीं न हम फिल्म वैश्यावृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। वैश्यावृत्ति करना किसी का भी बचपन का सपना नहीं होता है।
कोई भी औरत बहुत कठिनाइयों और परेशानियों के चलते इस उद्योग में आती हैं और कई जबरदस्ती इसमें धकेली जाती हैं। हम पोर्न देखते हैं, अर्थशास्त्र में “मांग और आपूर्ति” का सिद्धांत होता है और यही सिद्धांत वैश्यावृत्ति पर भी लागू होता है। हम किसी एक श्रेणी के पोर्न वीडियो की अधिक मांग करते हैं तो उसकी आपूर्ति करने के लिए कई महिलाओं, बच्चों की कई देशों से तस्करी होती है। पोर्न स्टार “जेसिका मेंडीज”  अपने एक इंटरव्यू में पोर्न उद्योग के अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि कैसे वे इस उद्योग में आयीं और क्यों उन्होंने ये उद्योग छोड़ा? इस उद्योग में कोई भी नहीं रहना चाहता है। एक औरत एक सम्मान के साथ जीना चाहती है और यह बात स्त्रियों के साथ पुरुषों पर भी लागू होती है। मैंने यहाँ आते ही शराब पीना, ड्रग्स लेना शुरू कर दिया हालाँकि बाद में मैंने ये सब छोड़ दिया। पोर्न उद्योग एक तरह की वैश्यावृत्ति ही है जहाँ कई दलाल रहते हैं और वे आपको अधिक से अधिक पैसे देने की पेशकश करते हैं। मैं क्यों अपने शरीर का सम्मान नहीं कर रही हूँ? क्यों दुसरे आकर मेरे शरीर का अपमान कर रहे हैं? मेरे मन में ये विचार हमेशा कौंधता रहता था और एक दिन मैंने अन्तता इसे छोड़ने का निर्णय लिया। पोर्न उद्योग में ऐसा कुछ भी नहीं है जो सकारात्मक हो। पोर्न स्टार कैज बी ने बज़फीड को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि “बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा होने के चलते निर्देशक महिला पोर्न स्टार का बहुत शोषण करते हैं। एडल्ट पोर्नोग्राफ़ी को सुरक्षित बनाने के लिए लॉस एंजिल्स में यह कानून लाया गया कि “बिना कंडोम के यदि कोई भी पोर्न फिल्म फिल्माई जाती है तो यह एक अपराध होगा लेकिन यह बिल पास न हो सका।

89% महिलाएं इस उद्योग को छोड़ना चाहती हैं, लेकिन जीविका के लिए नया कोई साधन नहीं है। अमेरिका में कैलिफोरियन विमेंस हेल्थ स्टडी के अनुसार, पोर्न उद्योग में काम करने वाली महिलाएं ज्यादा गरीबी में जी रही हैं। अधिकतर महिलायें इस उद्योग में ड्रग्स की लत की शिकार होती हैं।

पोर्न साइट्स हमारे समाज पर बहुत बुरा प्रभाव डाल रही हैं। पोर्न देखने के पश्चात आपके दिमाग पर कई ऐसे चित्र आ जाते हैं, जिससे आपके व्यवहार में परिवर्तन दिखाई देने लगता है। पोर्नोग्राफी एक तरह से आपके दिमाग में दखलंदाजी करता है। इसके कारण महिलाओं, बच्चों पर हमले के मामले काफी बढे हैं।
    
शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि जो लोग बहुत ज्यादा पोर्न वेबसाइट या वीडियो देखते हैं उनके मस्तिष्क का ग्रे मैटर कम हो जाता है, यानी दिमाग सिकुड़ जाता है। शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के एमआरआई तकनीक के द्वारा पोर्न देखने वालों एवं पोर्न नहीं देखने वालों के दिमाग का तुलनात्मक अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि पोर्न देखने वालों के मस्तिष्क में ग्रे मैटर की मात्रा काफी कम थी. लेकिन सिकुडे मस्तिष्क के कारण लोग अधिक पोर्न देखते हैं या फिर पोर्न देखने के कारण उनका मस्तिष्क सिकुड जाता है इसका निष्कर्ष उन्होंने अपने अध्ययन में नहीं दिया। शोध में बताया गया कि मस्तिष्क के एक भाग के छोटा होने के कारण ऐसे लोगों में बाहरी उत्तेजना की आवश्यकता होती है और इसी कारण वे पोर्नोग्राफी जैसी चीजों का सहारा लेते हैं, और धीरे-धीरे उनके पोर्न देखने की सीमा बढ जाती है।

खासकर इससे सबसे अधिक प्रभावित बच्चे हैं। अधिकतर पश्चिमी देशों में 12 साल तक के 90% बच्चे नियमित तौर पर पोर्न देख रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई और व्यवहार में चिड़चिड़ापन दिखाई दे रहा है। आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। छोटे से ही जब पोर्न देखने के आदी हो जाते हैं तो यह  भावना मन में घर कर जाती है कि सेक्स के दुनिया में आदमी की ही सबसे ज्यादा कदर है। पोर्न किसी भी प्रकार की स्त्री या पुरुष के प्रति कोई संवेदनशीलता नहीं रखता है, इस मतलब बड़े लिंग से है या फिर बड़े नितंब(Ass) से। यह एक साधारण सा सिद्धांत है कि बचपन में सीखी हुई बातों का प्रभाव कई रूपों में  युवावस्था में दिखाई देता है। सेक्सुअल एब्यूज भी इसी का एक परिणाम है, जिसका चलन आजकल बहुत ज्यादा ही बढ़ गया है। लड़कियां भी हार्डकोर पोर्न से बहुत अधिक प्रभावित होती हैं और इसका प्रभाव मुख्यधारा की संस्कृति पर भी दिखाई देने लगता है। कई लड़कियों के मन में यह धारणा घर कर जाती है यदि आप प्यार को पाना चाहती है तो सबसे पहले आपको सेक्सुअल डिजायर के योग्य होना पड़ेगा। वर्तमान समय में कई हद तक सेक्सुअल डिजायर पोर्न स्टार के बराबर ही है। कई बार लड़के या लडकियां कई वेब एप्लीकेशंस पर ये वीडियो अपलोड कर देती हैं लेकिन इसमें अधिकतर लडकियां ही होती हैं जो कि बेइज्जती, जिल्लत भरी ज़िन्दगी का सामना करती हैं। वे अधिकतर बार स्कूल बदल देती हैं या फिर कुछ और कर बैठती हैं. इससे उनके मस्तिष्क पर क्लिनिकल तनाव बढ़ता है। इस कारण से वे समाज  में अलग-थलग पड़ जाती हैं। उनमें से कुछ तो जी जाती हैं लेकिन कई आत्महत्या भी कर लेती हैं। ब्रिटेन में अभी बच्चों पर पोर्नोग्राफी के बढ़ते प्रभाव की रिपोर्ट में इस मुद्दे पर काफी चिंता जताई गयी है। “National coalition for the protection of children and families, 2010” की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमानता इस समय तक बच्चों के पोर्न वीडियो और फ़ोटोज़ एक मिलियन तक पहुँच चुके हैं। आधे से अधिक बच्चों के कम्प्यूटर में पोर्न वीडियोज़ पाए गए. चाइल्ड पोनोग्राफी के लिए सर्च इंजन में लगभग 116,000 निवेदन प्रतिदिन पाए गए।

पोर्न देखने के कारण ही शरीर में कई परिवर्तन होने शुरू हो जाते हैं. “रैन गविरेली” ने “Why I stopped watching Porn” में कहा है कि जब मैं पोर्न देखता था और जब मैंने पोर्न देखना बंद किया. पोर्न देखने से आपकी व्यक्तिगत कल्पनाओं पर बहुत असर पड़ता है। पोर्न देखने से दिमाग पर काफी अधिक प्रभाव पड़ता है। “National coalition for the protection of children and families,2010” की रिपोर्ट के अनुसार, 47% परिवारों ने यह स्वीकार किया है कि पोनोग्राफी के कारण उनके परिवार में समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। वैवाहिक बेवफाई दर (marital infidelity rate) में 300% तक की वृद्धि दर्ज की गयी है। ऑनलाइन पोर्न के बढ़ते चलन के कारण यूएस में २१वीं सदी में आधे से भी अधिक तलाक के मामले सामने आये हैं। 58% परिवारों को पोर्नोग्राफी के चलते आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पोर्न कोई व्यतिगत स्वतंत्रता का या व्यवसाय चुनने का अधिकार का मूर्त रूप नहीं है, यह बलात्कार, शारीरिक शोषण का, महिलाओं और बच्चों की तस्करी का रूप है। कई लोग इसके समर्थन में ये तर्क दे रहे हैं कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। चारदीवारी के अन्दर मैं क्या करूँ, क्या देखूं ये मेरी स्वतंत्रता है। बेशक यहाँ तक आपकी स्वतंत्रता है, लकिन यदि इसी स्वतंत्रता का प्रभाव बलात्कार, घरेलू हिंसा, मैरिटल बलात्कार, बच्चों का यौन शोषण के रूप में सामने आये तो व्यक्तिगत स्वतंत्रता वहीँ समाप्त हो जाती है। रिपोर्ट भी इस ओर इशारा करती हैं कि पोर्न वेबसाइट के कारण ये सभी अपराध बढे हैं।
   

2006 तक, यूएस में सेक्स सम्बंधित व्यापार 13 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है जो कि ABC,CBC,NBC चैनल के कुल राजस्व के अधिक है। 2007 तक अनुमानित 20 बिलियन डॉलर तक यह आंकड़ा पहुँच सकता है। हालाँकि 2007 से 2011 के बीच फ्री पोर्नोग्राफी के चलते पोर्न उद्योग के व्यापार का राजस्व कुल 50% तक गिर गया। एक आंकड़ा ये है कि इंटरनेट पर मौजूद कुल सामग्री में से 37 प्रतिशत पोर्नोग्राफी से जुड़ी है। कई लोगों ने बहसों में इस आंकड़े का उल्लेख किया है। नेट फिल्टरिंग फ़र्म ऑप्टेनेट ने जून 2010 में जारी एक प्रेस रिलीज में ये आंकड़ा दिया था। पोर्न व्यवसाय किस तरीके से पूरे विश्व में दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, यह देखा जा सकता है। पोर्न साइट्स पर बैन लगाना कोई उपाय नहीं है। सरकार ने कुछ साइट्स को बैन किया है  तो उसकी जगह और नयी साइट्स आ जाएँगी। सरकार को अगर वास्तव में समाज की चिंता है तो उसे लोगों को पोर्न के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करना चाहिए।  




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